उज्जैन/ न्यायालय अरविंद प्रताप सिंह चौहान, विशेष न्यायाधीश एस सी एस टी एक्ट जिला उज्जैन के द्वारा आरोपी रवि उर्फ शुभम सिसोदिया पिता उदय सिंह सिसोदिया, उम्र 32 वर्ष, निवासी-मालनवासा जिला उज्जैन म०प्र० को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास,धारा-25 (1-ख) (क) आयुध अधिनियम में 03 वर्ष का कारावास एवं धारा 27 (1) आयुध अधिनियम में 03 वर्ष का कारावास एवं कुल 7000 अर्थदंड से दण्डित किया
उपनिदेशक अभियोजन राजेंद्र कुमार खाण्डेगर ने बताया कि लखन राठौर ने बासु से 25,000 / रूपये उधार लिये थे और अभियुक्त रवि ठाकुर ने उसके भाई लखन से 37,000/- रूपये उधार लिये थे। 02.मार्च2022 का रात्रि 09:00 बजे अभियुक्त रवि ठाकुर उर्फ शुभम उनके घर आया और लखन को बोला कि बासु ने 25,000 /- रूपये मंगवाये हैं, तो उसके भाई लखन ने बोला कि उससे जो 37,000/- रूपये लेना है, उसमें से 25,000/- रूपये वासु को दे देना, तो रवि ठाकुर बोला कि उसके पास कोई पैसे नहीं है और कहा कि कल सुबह डीमार्ट पर आकर बात कर लेना और अभियुक्त रवि ठाकुर वहां से चला गया। फिर 03मार्च2022 को सुबह लखन अपने भाई रवि से बोला कि उसे डीमार्ट तक छोड़ दे तो वह मोटरसाइकल से उसके भाई लखन को लेकर डीमार्ट के पीछे केशव मेंस पार्लर के सामने लेकर गया, जहां अभियुक्त रवि ठाकुर उसके भाई लखन से बोला कि क्यो रे चमरे उसके पैसे क्यों नहीं दे रहा है, तो उसके भाई लखन ने उससे बोला कि यह बात कर लेगा तभी उसका भाई लखन जैसे ही पलट कर चला तो अभियुक्त रवि ठाकुर ने अपनी कमर से पिस्टल निकाल कर उसके भाई लखन को जान से मारने की नीयत से सिर में पीछे से गोली मार दी जिससे उसका भाई लखन गिर गया और उसके सिर से खून निकलने लगा तो रवि ठाकुर वहां से भाग गया, यह चिल्लाया तो पंकज चौहान, किशन और कई लोग आ गये, उनकी मदद से वह उसके भाई लखन राठौर को अस्पताल लेकर आया।
उक्त आशय की रिपोर्ट पर से अभियुक्त के विरूद्ध धारा 307, 294 भा.द.सं. एवं धारा 3(1)(27) 3(1)(11) एवं धारा 3(2)(u) 3(2)(wn) अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्या. निवा.) अधिनियम एवं धारा 25, 27 आयुध अधिनियम की देहाती नालसी लेखबद्ध की गयी। उक्त देहाती नालसी के आधार पर पुलिस थाना नागझिरी जिला उज्जैन में घटना की प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीबद्ध कर प्रकरण विवेचना में लिया गया। ईलाज के दौरान लखन की मृत्यु हो जाने से प्रकरण में भा.दं.सं. की धारा-302 का इजाफा किया गया। अनुसंधान के दौरान मृतक का शव परीक्षण कराया गया, उसके चिकित्सीय परीक्षण एवं ईलाज संबंधी दस्तावेज प्राप्त किये गये। फरियादी रवि एवं साक्षियों के कथन लेखबद्ध किये गये, घटनास्थल का नक्शा तैयार किया गया, मृतक लखन का जाति प्रमाण-पत्र प्राप्त किया गया, अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया, अभियुक्त द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर आरोपी रवि उर्फ शुभम के आधिपत्य से एक देशी पिस्टल जप्त कर जप्ती पंचनामा तैयार किया गया, साक्षीगण के कथन लेखबद्ध किये गए, आवश्यक अनुसंधान उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध धारा 307, 302, 294 भा.द.सं. एवं धारा 3(1)(7) 3 (1) (ध) एवं धारा 3(2)(w) 3(2)(va) अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्या. निवा.) अधिनियम एवं धारा 25. 27 आयुध अधिनियम के अपराध में अभियोग-पत्र प्रस्तुत किया गया। आवश्यक अनुसंधान उपरान्त चालानकता कर न्यायालय में पेश किया गया।
ईश्वर सिंह केलकर विशेष लोक अभियोजक के तर्काें से सहमत होकर न्यायालय द्वारा आरोपीगणों को दण्डित किया।













