-
*अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर पूरे देश से आईं मातृशक्ति करेंगी योग*
उज्जैन/
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की योजनानुसार सम्राट विक्रमादित्य भवन, उज्जैन में अखिल भारतीय बालिका शिक्षा कार्यशाला का आयोजन 19 से 21 जून, 2026’ तक किया जा रहा है आयोजित अखिल भारतीय बालिका शिक्षा कार्यशाला का समापन कल 21 जून 2026 को प्रातः 11ः00 बजे होगा। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विद्या भारती के उपाध्यक्ष एवं बालिका शिक्षा के अखिल भारतीय प्रभारी अवनीश भटनागर उपस्थित रहेंगे।
इस अवसर पर अखिल भारतीय बालिका शिक्षा संयोजिका सुश्री रेखा चुडासमा, मध्य क्षेत्र संगठन मंत्री अखिलेश मिश्रा, मालवा प्रांत संगठन मंत्री योगेश शर्मा, क्षेत्रीय सह मंत्री डाॅ. हिना नीमा, प्रांत सह सचिव अनुराग जैन एवं प्रांत प्रमुख पंकज पवार विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
*अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विशेष आयोजन*
कार्यशाला में देशभर से आई लगभग 150 महिला प्रतिभागी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रातः 6ः30 से 7ः30 बजे तक सम्राट विक्रमादित्य भवन परिसर में सामूहिक योग करेंगी। योग कार्यक्रम योग प्रशिक्षक सुश्री सुषमा यादव के मार्गदर्शन में तथा डॉ. डाॅली गिरी गोस्वामी की अध्यक्षता में आयोजित होगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हिना नीमा करेंगी। इस अवसर पर विद्या भारती के अखिल भारतीय बालिका शिक्षा प्रभारी अवनीश भटनागर, संयोजिका सुश्री रेखा चुडासमा, सह संयोजिका श्रीमती पवित्रा दहाल, श्रीमती सुनीता पांडे सहित विभिन्न क्षेत्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।
*प्रेरणा सत्र में मिला मार्गदर्शन*

कार्यशाला के दूसरे दिन आयोजित ‘‘प्रेरणा सत्र’’ में मुख्य वक्ता अवनीश भटनागर ने बालिका शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में आधुनिक ज्ञान, कौशल एवं भारतीय जीवन मूल्यों के समन्वय के साथ बालिकाओं को नेतृत्व के लिए तैयार करना आवश्यक है। उन्होंने देशबोध, समाजबोध, संस्कृतिबोध एवं अध्यात्मबोध के साथ शत्रुबोध पर भी ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने बालिकाओं के शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए समग्र दृष्टि विकसित करने पर बल दिया तथा युवाओं को नशे की प्रवृत्तियों से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई। साथ ही पौष्टिक आहार के महत्व एवं फास्ट फूड के दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने वर्तमान में बढ़ रही दिखावटी जीवनशैली एवं वैभव प्रदर्शन की प्रवृत्ति से बचने तथा भारतीय संस्कृति एवं जीवन मूल्यों के अनुरूप आचरण विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने अनावश्यक उपभोक्तावाद एवं अत्यधिक विपणन संस्कृति से सावधान रहने की भी सलाह दी।
*कौशल विकास पर विशेष सत्र*
द्वितीय सत्र में विद्या भारती के अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष जैनपाल जैन ने ‘‘कौशल विकास और बालिका शिक्षा’’ विषय पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि क्रियात्मक एवं अनुभव आधारित शिक्षा ही वास्तविक कौशल विकास का आधार है। उन्होंने विद्या भारती द्वारा संचालित विभिन्न कौशल विकास पाठ्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि ये पाठ्यक्रम ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं।
उन्होंने ड्राॅपआउट विद्यार्थियों की संख्या कम करने के लिए कौशल आधारित पाठ्यक्रमों की उपयोगिता पर बल दिया तथा सुझाव दिया कि यदि प्रत्येक विद्या भारती विद्यालय संस्कार केंद्रों की तर्ज पर एक कौशल केंद्र संचालित करे तो विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़े रखने में बड़ी सहायता मिलेगी।
*प्रमुख विषय*
कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में निम्न विषयों पर चिंतन एवं संवाद हुआ-
बालिका शिक्षा की विकास यात्रा
वर्तमान परिदृश्य में बालिका शिक्षा का महत्व
रोजगारोन्मुखी कौशल विकास
बालिका शिक्षा में तकनीकी का उपयोग
प्रांतीय एवं क्षेत्रीय प्रस्तुतियाँ
मातृ भारती एवं कुटुंब प्रबोधन कार्यक्रम
पंच परिवर्तन विषय
बालिका शिक्षा संगठन
समग्र विकास
विद्या भारती बालिका शिक्षा का भविष्य
समूह चर्चा, प्रस्तुतियों एवं श्रेणी बैठकों के माध्यम से विषयों पर विस्तृत चिंतन-मंथन किया गया।
कार्यक्रम में अतिथि स्वागत सम्राट विक्रमादित्य प्रशिक्षण एवं शोध केन्द्र, उज्जैन के प्रशिक्षण निदेशक डाॅ. रविंद्र शर्मा द्वारा किया गया। वहीं श्रीमती शोभा तोमर ने अखिल भारतीय बालिका शिक्षा सह संयोजिका श्रीमती पवित्रा दहाल का स्वागत किया।












