- उज्जैन, न्यूज़, शहर

भगवान और भक्त के बीच पैसा ठीक नहीं, काल भैरव मंदिर में 500 रुपए लेकर वीआईपी दर्शन कराने का विरोध

Spread the love

भाजपा नेता सुरेंद्र सांखला ने प्रशासन से सभी श्रद्धालुओं के लिए सुलभ और समान व्यवस्था बनाने की मांग रखी

उज्जैन/ धार्मिक नगरी के प्रमुख मंदिरों में दर्शनार्थियों के लिए सुलभ और समान व्यवस्था की मांग उठने लगी है। भाजपा नेता सुरेंद्र सांखला ने काल भैरव मंदिर में 500 रुपए लेकर दर्शन कराने की व्यवस्था का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि भगवान और भक्त के बीच रुपए लेकर दर्शन कराना उचित नहीं है। धनवानों और आम भक्तों के लिए अलग-अलग कतार लगाना समानता के सिद्धांत के खिलाफ है। भगवान के मंदिर में राजा और रंक सभी बराबर हैं, इसलिए इस तरह की वीआईपी दर्शन प्रथा को तत्काल बंद किया जाना चाहिए।

आय के बजाय सुविधाओं पर ध्यान दे प्रशासन

सांखला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जिला प्रशासन को व्यवस्था सुधारने का अधिकार दिया है, लेकिन वर्तमान में इसका दुरुपयोग हो रहा है। प्रशासन का मुख्य ध्यान मंदिरों से होने वाली आय की बजाय श्रद्धालुओं की सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर होना चाहिए। काल भैरव मंदिर में महाकालेश्वर जैसी व्यवस्थाएं लागू नहीं की जा सकतीं। दर्शन व्यवस्था में बाधा बन रही दान पेटियों को भी हटाया जाना चाहिए।

प्राचीन मंदिरों में सुलभ दर्शन की व्यवस्था संभव

महाकाल आने वाले 90 प्रतिशत श्रद्धालु मंगलनाथ, सिद्धनाथ, श्री काल भैरव, भरथरी गुफा और गढ़ कालिका जैसे प्राचीन व पुरातात्विक महत्व के मंदिरों में भी जाते हैं। इनके गर्भगृह छोटे होने के बावजूद सुलभ दर्शन की व्यवस्था बनाई जा सकती है, लेकिन कुछ नासमझ लोग व्यवस्था बिगाड़ने का काम कर रहे हैं।

पार्किंग तय हो और अतिक्रमण हटे

यातायात और पार्किंग की समस्या पर उन्होंने सुझाव दिया कि आसपास के किसानों से चर्चा कर पार्किंग व्यवस्था सुधारी जा सकती है। जिला प्रशासन पार्किंग शुल्क तय कर एडवाइजरी जारी करे और मंदिरों के आसपास पसरे अनावश्यक अतिक्रमण को तत्काल हटाए। वर्षा काल को देखते हुए पेयजल, प्रकाश और छाया की सुलभ व्यवस्था करना अत्यंत आवश्यक है।

अवैध शराब और मांस-मदिरा की बिक्री पर लगे पूर्ण रोक

भाजपा सरकार द्वारा उज्जैन में धार्मिक वातावरण बनाए रखने के लिए मुख्य मार्गों पर मांस-मदिरा पर प्रतिबंध के निर्णय का स्वागत करते हुए सांखला ने कहा कि कई जगहों पर अभी भी इस कानून का उल्लंघन हो रहा है। शहर के आसपास अवैध डायरियां बनाकर शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, जिस पर प्रशासन को तुरंत सख्त कार्रवाई करते हुए प्रतिबंध लगाना चाहिए।