उज्जैन/ न्यायालय विशेष न्यायाधीश (एस.सी.एस.टी एक्ट), जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा आरोपी लाखनसिंह पिता गंगाराम गुर्जर उम्र 37 वर्ष निवासी ग्राम झिरनिया पुलिस थाना माकड़ौन जिला उज्जैन (म.प्र.) को धारा 64 भारतीय न्याय संहिता सहपठित धारा 3(2)(वी)एस.सी.एस.टी.एक्ट अधिनियम 1989 आजीवन सश्रम कारावास एवं 06,000/- (छः हज़ार रूपये) अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
मीडिया सेल प्रभारी कुलदीप सिंह भदौरिया ने बताया कि अभियोक्त्री 15सितम्बर2024 को उसके साथी के साथ मोटरसाइल से महिदपुर के पास घडी वाले बाबा के दर्शन करने गयी थी। दर्शन करने के बाद वे दौनों आरोपी के ढाबे पर खाना खाने रात्रि करीबन 10ः00 बजे पहुंचे। अभियोक्त्री एवं उसके साथी ने आरोपी के ढाबे पर खाना खाया और खाने के पैसे देने लगे तो आरोपी ने खाने के पैसे लेने से इंकार कर दिया और उससे कहा कि आज रात वह वहीं रूक जाये, अभियुक्त को उसके साथ संबंध बनाने है, तो उसने रूकने से मना कर दिया इसी बात पर से आरोपी ने उसे व उसके साथी को अश्लील नंगी नंगी जाति सूचक गालियां दी और थप्पड़ मुक्कों से मारपीट की। अभियुक्त अंदर से तलवार लेकर आ गया और उसके साथी को को डरा धमका कर बाहर भगा दिया और उसके साथ उसकी मर्जी के बिना जबरजस्ती गलत काम किया और कहने लगा कि यदि उसने उसके खिलाफ थाने पर रिपोर्ट की तो उसे जान से खत्म कर देगा। जिसकी थाने पर रिपोर्ट की गई थी। आवश्यक अनुसंधान उपरान्त चालान न्यायालय मेें पेश किया गया।
प्रकरण में प्रभारी उप निदेशक अभियोजन राजेन्द्र कुमार खाण्डेगर के मागदर्शन में अभियोजन पैरवीकर्ता अधिकारी ईश्वर सिंह केलकर, विशेष लोक अभियोजक के तर्कों से सहमत होकर आरोपी को माननीय न्यायालय द्वारा दण्डित किया गया।












