उज्जैन/ विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा ‘‘बालिका शिक्षा’’ विषयक तीन दिवसीय अखिल भारतीय कार्यशाला का आयोजन कल 19 से 21 जून 2026 तक सम्राट विक्रमादित्य प्रशिक्षण एवं शोध केन्द्र एवं प्रांतीय कार्यालय, विद्या भारती मालवा प्रांत, उज्जैन में किया जाएगा।
विद्या भारती विश्व का सबसे बड़ा शैक्षिक संगठन है, जो विगत 74 वर्षों से संस्कारक्षम एवं राष्ट्रनिष्ठ शिक्षा के माध्यम से समाज निर्माण का कार्य कर रहा है। वर्तमान में देशभर में विद्या भारती के 21,514 विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 35 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं तथा लगभग 1.54 लाख शिक्षक-शिक्षिकाएं शिक्षा एवं संस्कार के क्षेत्र में योगदान दे रहे हैं।
‘‘बालिका शिक्षा’’ विद्या भारती का एक महत्वपूर्ण आयाम है, जिसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति एवं जीवन मूल्यों से युक्त, आत्मविश्वासी, कुशल एवं राष्ट्रभक्त बालिकाओं का निर्माण करना है। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु देशभर के 11 क्षेत्रों एवं 40 प्रांतों से 82 क्षेत्रीय एवं प्रांतीय संयोजक तथा सह-संयोजक इस कार्यशाला में सहभागिता करेंगे। इसके अतिरिक्त समाज जीवन में सक्रिय 14 विशिष्ट आमंत्रित महिला प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगी। इस प्रकार लगभग 100 प्रतिभागियों की सहभागिता रहेगी।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में भारत सरकार की महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम में विद्या भारती के अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री . यतींद्र शर्मा का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। साथ ही विद्या भारती के उपाध्यक्ष एवं बालिका शिक्षा के अखिल भारतीय प्रभारी अवनीश भटनागर संपूर्ण कार्यशाला अवधि में उपस्थित रहेंगे। कार्यशाला का संचालन अखिल भारतीय बालिका शिक्षा संयोजिका सुश्री रेखा चुडासमा के मार्गदर्शन में होगा।
कार्यशाला के प्रमुख उद्देश्य
ऽ बालिकाओं में नैसर्गिक, मनोवैज्ञानिक, भावात्मक एवं संस्कारजन्य गुणों के संवर्धन हेतु योजनाएं बनाना।
ऽ बालिकाओं के समग्र विकास, चरित्र निर्माण एवं नेतृत्व क्षमता के विकास हेतु गतिविधियों का निर्धारण करना।
ऽ वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए विवेकपूर्ण मार्गदर्शन की व्यवस्था करना।
ऽ बालिकाओं में भारतीय नारी स्वरूप एवं सांस्कृतिक चेतना का विकास करना।
ऽ राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप भारतीय ज्ञान परंपरा, परिवार व्यवस्था, संस्कार एवं संस्कृति के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना।
बालिका शिक्षा के प्रमुख कार्यक्रम –
1. माता पुत्री विचार गोष्ठी- इसमें किशोर वय की बालिकाओं माताओं की गोष्ठियाँ करते हैं। कन्या भारती योजना के माध्यम से मातृत्व, कर्तृत्व एवं नेतृत्व का विकास ।
2. परंपरागत एवं स्थानीय कला कौशल विकास।
3. बालिकाओं हेतु आत्म रक्षा का प्रशिक्षण।
4. वालिका शिविर, पाक कला शिविर, गृह विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा देना।
5. प्रेरक व्यक्त्तित्वों से बालिकाओं का साक्षात्कार करवाना।
6. सरस्वती यात्रा के माध्यम से शासकीय, अशासकीय संस्थानों पर बालिकाओं की मुलाकात, अनुभव कथन एवं प्रोजेक्ट ।
कार्यशाला में मध्य क्षेत्र संगठन मंत्री मा. अखिलेश मिश्रा, मालवा प्रांत संगठन मंत्री मा. योगेश शर्मा, क्षेत्रीय सह मंत्री डाॅ. हिना नीमा, प्रांत सह सचिव अनुराग जैन एवं प्रांत प्रमुख श्री पंकज पवार भी उपस्थित रहेंगे।












