
*उज्जैन की नन्ही योगिनी रुद्राक्षी पेड़वा अद्भुत प्रतिभा की ओर अग्रसर।*
*सुबह उठते ही योग के कठिन स्टेप्स दोहराकर हर किसी को कर रही है हैरान।*
*उज्जैन/ देशभर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून की तैयारी देखने को मिल रही है इसी कड़ी में बाबा महाकाल की नगरी में रहने वाले पेड़वा परिवार की 14 महीने 5 दिन की नन्ही परी रुद्राक्षी पेड़वा ने योग की क्रियाएं शुरू कर अपनी अद्भुत प्रतिभा का परिचय दिया है।
*सुबह से ही शुरू हो जाती है योग साधना*
उज्जैन निवासी नरेन्द्र कुमार पेड़वा की पोती रुद्राक्षी पेड़वा की उम्र केवल 14 महीने 5 दिन की है। जहाँ इस उम्र में बच्चे ठीक से चलना और बोलना सीख रहे होते हैं, वहीं रुद्राक्षी की रुचि योग करने में जाग चुकी है। परिजनों के अनुसार, रुद्राक्षी रोज सुबह सोकर उठने के बाद से ही योग के विभिन्न स्टेप्स और आसनों की नकल करने की कोशिश में जुट जाती है। वह बड़ों की तरह पूरी एकाग्रता के साथ शरीर को योग की मुद्राओं में ढालने का प्रयास करती है।
*परिजनों में हर्ष का माहौल*
नरेन्द्र कुमार पेड़वा और उनके परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्होंने कभी रुद्राक्षी पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया। वह घर के बड़ों को योग करते देखती थी और धीरे-धीरे उसने खुद भी सुबह उठकर इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया। रुद्राक्षी की इस नैसर्गिक प्रतिभा और लचीलेपन को देखकर परिवार के लोग उसे “नन्ही योगिनी” कहकर बुला रहे हैं और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं। इतनी छोटी उम्र में बच्चों का योग की तरफ आकर्षित होना उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है।













