- Uncategorized, उज्जैन, न्यूज़, शहर

बलात्कारी को आजीवन कारावास के साथ अर्थ दंड की सजा

Spread the love

 

उज्जैन /जिले में गंभीर अपराधों में आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही एवं पीड़ितों को न्याय दिलाने हेतु सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अनैतिक कार्य के एक प्रकरण में माकड़ौन पुलिस की प्रभावी विवेचना एवं अभियोजन की सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप आरोपी को न्यायालय द्वारा कठोर दण्ड प्रदान किया गया है।

विशेष न्यायाधीश ए.पी.एस. चौहान (एससी/एसटी एक्ट), जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा आरोपी लाखनसिंह पिता गंगाराम, उम्र 37 वर्ष, निवासी ग्राम झिरनिया, थाना माकड़ौन, जिला उज्जैन को धारा 64 भारतीय न्याय संहिता सहपठित धारा 3(2)(v) एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास एवं ₹6,000/- अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

प्रकरण के अनुसार  15सितम्बर2024 को पीड़िता अपने साथी के साथ दर्शन हेतु गई थी। रात्रि में भोजन के दौरान आरोपी द्वारा पीड़िता के साथ अशोभनीय व्यवहार किया गया तथा विरोध करने पर उसके साथी को धमकाकर भगा दिया गया एवं पीड़िता के साथ उसकी इच्छा के विरुद्ध अनैतिक कार्य किया गया। घटना की सूचना प्राप्त होते ही पुलिस द्वारा तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर गंभीरता से विवेचना प्रारंभ की गई।

विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा महत्वपूर्ण साक्ष्य एवं परिस्थितिजन्य प्रमाण संकलित कर वैज्ञानिक एवं तथ्यपरक जांच की गई। अनुसंधान पूर्ण कर समय-सीमा में अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसके आधार पर अभियोजन पक्ष द्वारा प्रभावी पैरवी की गई।

प्रकरण में प्रभारी उप संचालक अभियोजन राजेन्द्र कुमार खाण्डेगर के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक श्री ईश्वर सिंह केलकर द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं तर्कों से सहमत होकर माननीय न्यायालय ने आरोपी को दोषसिद्ध पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास से दण्डित किया।

उज्जैन पुलिस महिला एवं कमजोर वर्गों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है तथा ऐसे अपराधों में दोषियों को कठोर दण्ड दिलाने हेतु निरंतर प्रभावी कार्यवाही की जा रही है।

प्रकरण की विवेचना एवं आरोपी को दण्डित कराने में तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) तराना भविष्य भास्कर, थाना प्रभारी माकड़ौन निरीक्षक प्रदीप सिंह राजपूत, उप निरीक्षक लालचन्द्र शर्मा, महिला उप निरीक्षक कुसुम सुमन, सहायक उप निरीक्षक मदनलाल रावत, प्रधान आरक्षक क्रमांक 1284 सुदर्शन राठौर, प्रधान आरक्षक क्रमांक 680 विनोद व्यास, महिला आरक्षक क्रमांक 880 तारा, आरक्षक क्रमांक 246 राजेन्द्र सिंह, आरक्षक क्रमांक 971 रविन्द्र मुकाती, आरक्षक क्रमांक 94 संतोष पटेल, आरक्षक कुंदन, आरक्षक हरिओम, आरक्षक क्रमांक 521 प्रकाश जाट, आरक्षक क्रमांक 826 भारत सिंह, आरक्षक क्रमांक 1565 सुनील लिंबोदिया एवं सैनिक क्रमांक 1212 आशीष का सराहनीय योगदान रहा। प्रकरण के सफल संचालन एवं अभियोजन पैरवी में पुलिस टीम द्वारा संकलित साक्ष्यों एवं तथ्यों ने आरोपी को दोषसिद्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।