उज्जैन/ भाजपा पार्षद एमआईसी सदस्य प्रकाश शर्मा के दुष्कर्मी पुत्र सार्थक शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका उच्च न्यायलय के द्वारा दोनों पक्षो की सुनवाई के बाद निरस्त कर दी।
इस संबंध में एडवोकेट शैलेंद्र सिंह परिहार ने जानकारी देते हुए बताया कि अनुज शर्मा के द्वारा पीड़िता को शादी का झांसा देकर तलाक के बाद में दैहिक शोषण किया था। मामले में महिला थाना पुलिस ने पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा के द्वारा जांच हेतु प्राप्त आवेदन पर उपलब्ध साक्षयो के आधार पर प्रकरण 18 अप्रैल को दर्ज किया था। जिसमे आरोपी पक्ष के द्वारा पहले उज्जैन न्यायालय से अग्रिम जमानत मांगी गई थी लेकिन महिला से शादी के झांसे देकर दुष्कर्म जैसा अपराध करने वाले सार्थक की याचिका पर सुनवाई करने के पश्चात निरस्त की गई।
तत्पश्चात उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत का आवेदन प्रस्तुत किया गया था मामले में 8 जून को हुई सुनवाई के विद्वान न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिका को निरस्त कर दिया।
इधर इस प्रकरण में महिला थाना पुलिस आरोपी को तलाश कर रही है।
धमकी देने की भी शिकायत
पीडिता ने बताया कि पार्षद प्रकाश शर्मा की ओर से दो बदमाशों के द्वारा मामले को खत्म करने के लिए धमकाया भी गया है जिसकी शिकायत माधव नगर थाना में की गई है पुलिस इस मामले में जांच कर अज्ञात लोगों की तलाश कर रही है। वैसे अग्रिम जमानत निरस्त हो जाने के बाद पीड़िता को आरोपी पक्ष से जान माल का खतरा बढ़ गया है ऐसी संभावना पीड़िता के द्वारा व्यक्त की जा रही है।
सरेंडर करने का विकल्प
इस प्रकरण में आरोपी सार्थक शर्मा की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त होने पर पुलिस के समक्ष पेश होने का विकल्प है वैसे आरोपी पक्ष अग्रिम जमानत हेतु सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर कर सकता है। जोकि असंभव है।












