इंदौर । गणेशोत्सव पर अपने घर लाएं शुद्धता, पर्यावरण संरक्षण, लक्ष्मी कृपा और मानवता के पुनरुद्धार का पावन संगम!
हमारे भिक्षुक पुनर्वास केंद्र के स्वाभिमानी हितग्राहियों ने कभी भिक्षा मांगने वाले हाथों को हुनरमंद बनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। भिक्षावृत्ति छोड़ चुके इन कर्मठ साथियों द्वारा देसी गाय के शुद्ध गोबर से 11,000 गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया गया है।
मध्य प्रदेश में इतनी विशाल संख्या में गोबर के गणेश जी का निर्माण अब तक कहीं और नहीं हुआ है। यह गौरवपूर्ण उपलब्धि केवल और केवल हमारे पुनर्वास केंद्र के हितग्राहियों के अथक परिश्रम से संभव हुई है।
*गोमय (गोबर) गणेश जी ही क्यों विराजित करें ?*
गोमय वसते लक्ष्मी (साक्षात लक्ष्मी कृपा): शास्त्रों के अनुसार गाय के गोबर में माता लक्ष्मी का वास होता है। गोमय गणेश जी की स्थापना से विघ्नहर्ता के साथ-साथ घर में सुख, समृद्धि और महालक्ष्मी का स्थायी वास होता है।
बाजार की मिलावट से मुक्त व 100% इको-फ्रेंडली: बाजार में मिट्टी के नाम पर बिकने वाली मूर्तियों में अक्सर मजबूती के लिए POP और केमिकल्स मिलाए जाते हैं, जिससे वे पानी में आसानी से गलती नहीं हैं। हमारे गोबर के गणेश जी 100% शुद्ध व प्राकृतिक हैं, जो विसर्जन के बाद कुछ ही घंटों में पूरी तरह घुलकर आपके घर के गमलों के लिए अमृत-तुल्य जैविक खाद बन जाते हैं।
स्वावलंबन और स्थानीय आजीविका का संबल: आपकी एक छोटी सी पहल उन हाथों को संबल प्रदान करेगी जिन्होंने भिक्षावृत्ति का त्याग कर स्वाभिमान का जीवन चुना है। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गौ-संरक्षण को सीधा प्रोत्साहन है।
*उपलब्ध विशेष स्वरूप व साइज:* पारंपरिक स्वरूप, सुंदर, अति मनमोहक व प्राकृतिक रंगों से निर्मित प्रतिमाएं, रिद्धि-सिद्धि सहित प्रतिमाएं एवं खजराना गणेश प्रतिमाएँ, लालबाग के राजा स्वरूप एवं दगडूशेठ स्वरूप।
साइज 2 इंच से लेकर 15 इंच तक की प्रतिमाएं
पावन पर्व पर केवल एक प्रतिमा मत खरीदिए, बल्कि एक व्यक्ति के पुनर्वास, गौ-सेवा और पर्यावरण रक्षा के इस महाअभियान का हिस्सा बनिए। स्वयं भी अपनाएं और अपने परिजनों, मित्रों व सोसायटियों को भी अग्रिम बुकिंग के लिए प्रेरित करें।इस संदेश को अन्य ग्रुपों में भी साझा करें। यह जानकारी संस्था प्रमुख रुपाली जैन ने दी।
संस्था प्रवेश द्वारा संचालित भिक्षुक पुनर्वास केंद्र, सामाजिक कल्याण परिसर परदेसीपूरा इलेक्ट्रॉनिक काम्प्लेक्स के पास इंदौर।
*”केमिकल-पीओपी छोड़ें, शुद्ध गोमय गणेश अपनाएं — घर में रिद्धि-सिद्धि और लक्ष्मी लाएं!”*
गणपति बप्पा मोरया!













