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छत्तीसगढ़ के बाद अब मध्यप्रदेश में भी चमका पन्ना का हीरा

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*मदन साहू का एमपीपीएससी माइनिंग इन्स्पेक्टर में टाॅप टेन व साक्षात्कार में सर्वाधिक अंकों के साथ हुआ चयन*

पन्ना (मध्यप्रदेश)। पन्ना की रत्नगर्भा धरती हीरे ही नहीं बल्कि प्रतिभा रुपी हीरे देने के लिए भी जानी जाती है। इसका एक और उदाहरण पन्ना जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम इटवां खास से देखने मिला है। जहां के निवासी मदन साहू पिता श्री चिरौंजी लाल साहू ने हाल ही में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में पांचवां स्थान के साथ चयन के बाद अब मध्यप्रदेश में भी खनि निरीक्षक माइनिंग इन्स्पेक्टर के पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 9 जुलाई, 2026 को खनि निरीक्षक के जारी अंतिम चयन परिणाम की मुख्य सूची में आठवां स्थान तथा साक्षात्कार में सर्वाधिक अंक हासिल किए हैं। उनकी माताजी श्रीमती चंदा साहू, बड़े भाई संतोष कुमार व छोटे भाई लखन है। परिवार ने बकरी पालन कर बेटे को उच्च शिक्षा दिलवाई और सुविधाओं की कमी के बावजूद भी कभी हौसला कम नहीं होने दिया। विदित है कि खनि निरीक्षक राज्य शासन के खनिज साधन विभाग के अंतर्गत नियुक्त किए जाते है, जो खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन व भंडारण की रोकथाम सहित खदानों व खनिजों से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते है।
मदन वर्तमान में छत्तीसगढ़ शासन में खनि निरीक्षक के पद पर सेवा दे रहें हैं। उन्होंने हाई स्कूल शिक्षा शासकीय हाई स्कूल इटवां खास व हायर सेकेण्डरी शिक्षा शासकीय सरदार पटेल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बृजपुर से पूर्ण करने के बाद, स्नातक शिक्षा शासकीय महाराजा महाविद्यालय छतरपुर तथा स्नातकोत्तर शिक्षा व शासकीय विज्ञान महाविद्यालय जबलपुर से उत्तीर्ण करने के साथ ही पीजीडीसीए डिप्लोमा भी प्रथम श्रेणी के साथ उत्तीर्ण किया। वह स्नातक शिक्षा के दौरान 25 एमपी बटालियन छतरपुर में सीनियर डिवीजन में एनसीसी कैडेट भी रहे हैं, जिस दौरान उनको सागर डिवीजन स्तर पर एनसीसी बेस्ट कैडेट अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।
उन्होंने मध्यप्रदेश स्टेट आई टी सेंटर- मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड एमपीएसईडीसी, भोपाल में जीआईएस एक्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत रहते हुए, सीएसआईआर नेट जेआरएफ में ऑल इंडिया रैंक 96 हासिल करने के साथ ही 2023, 2024 व 2025 में लगातार तीन वर्ष गेट परीक्षा भी उत्तीर्ण की साथ ही इग्नू से जिओइन्फोर्मेटिक्स में डिप्लोमा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया। डाॅ हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के व्यावहारिक भू-विज्ञान विभाग से पीएचडी कोर्स वर्क पूर्ण करने के उपरांत उन्होंने हाल ही में छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत खनि निरीक्षक का पद ग्रहण किया था।
उन्होंने बताया कि उन्होंने यह सफलताएं बिना किसी कोचिंग के, नौकरी करते हुए स्व-अध्ययन कर हासिल की हैं। उनका कहना है कि लगातार कड़ी मेहनत, अनुशासन और सही दिशा में कार्य करके हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवारजनों, शिक्षकों और मित्रों को देते हुए, उनके अमूल्य सहयोग व मार्गदर्शन के लिए, सभी का आभार जताया। वहीं इस लगातार दूसरी सफलता को लेकर परिवार खुशियों से भर उठा है और शुभेच्छुओं द्वारा बड़ी संख्या में शुभकामनाएं दी जा रहीं हैं।