
*सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है*
*उज्जैन-जावरा 4 लेन ग्रीनफील्ड हाईवे निर्माण के बाद औद्योगिक और आर्थिक क्षेत्र की समृद्धि भी तेजी से आगे बढ़ेगी*
*मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 5017 करोड़ रुपए की लागत से 98.730 कि.मी. लंबाई के उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया*
उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बदलते भारत में मध्यप्रदेश भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकास के रास्ते पर तेजी से बदल रहा है। नागदा में पिछली बार कार्यक्रम के दौरान जो संकल्प लिया था, उसी संकल्प के माध्यम से आज उज्जैन-जावरा 4 लेन ग्रीनफील्ड हाईवे की सौगात मिली है। इस मार्ग के बनने से नागदा नहीं, पूरे जिले के लिए इतिहास बनेगा। नागदा और आसपास के क्षेत्र में आगे भी कई कार्य इस मार्ग निर्माण के बाद प्रारंभ होंगे। औद्योगिक और आर्थिक क्षेत्र की समृद्धि भी तेजी से आगे बढ़ेगी।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में नागदा के ऋणमुक्तेश्वर मंदिर परिसर में बहुप्रतीक्षित उज्जैन-जावरा 4 लेन ग्रीनफील्ड हाईवे का भूमि पूजन समारोह आयोजित किया हुआ। कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि के रूप में कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर अतिथियों ने 5017 करोड़ रुपए की लागत से 98.730 कि.मी. लंबाई के उज्जैन-जावरा 4 लेन ग्रीनफील्ड हाईवे का भूमि पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागदा में नवीन आईटीआई कॉलेज और चंबल नदी पर डेम बनाने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2028 में सिंहस्थ महापर्व का विश्वस्तरीय आयोजन होना है। सिंहस्थ में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हमारी सरकार सुविधा और विकास के कई कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हम संभाग के साथ राज्यों के साथ तालमेल कर सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधा बढ़ा रहे हैं, जिससे सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को बाल बराबर भी परेशानी नहीं होगी। श्रद्धालुओं की सुगम आवागमन व्यवस्था के लिए कई सड़क मार्गों का निर्माण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सनातन संस्कृति के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश दुनिया में चमत्कृत हो रहा है। उज्जैन में बाबा महाकाल के आंगन में श्री महाकाल महालोक बनने के बाद देशभर से लगभग 8.5 करोड़ लोग पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महानगर की कल्पना के साथ धार, इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, रतलाम को मिलाकर मेट्रोपोलिटन क्षेत्र का विस्तार किया जा रहा है, जिसके बाद मध्यप्रदेश सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले प्रदेशों में शामिल हो जाएगा। मेट्रोपोलिटन के माध्यम से औद्योगिक एवं आर्थिक समृद्धि के द्वार खुलेंगे, युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज विश्व के बड़े देशों के घराने मालवा क्षेत्र में अपनी इंडस्ट्री लगाने के लिए आ रहे हैं। पूरे देश में सबसे ज्यादा सीमेंट प्लांट मध्यप्रदेश की धरती पर लगाए जा रहे हैं। हमने औद्योगीकरण के साथ-साथ अधोसंरचना के कार्य को भी प्राथमिकता से किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसानों की समृद्धि के लिए भी संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछले दिनों उज्जैन में 1250 करोड़ रुपए की लागत से पेप्सिको कंपनी के भूमिपूजन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस औद्योगिक इकाई के प्रारंभ होने से किसानों की आय भी बढ़ेगी। उन्होंने किसानों को आलू उत्पादन कर औद्योगिक इकाई तक पहुंचाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आर्थिक उन्नति और आय बढ़ाने के साथ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और महिलाओं को सम्मान देने के लिए भी संकल्पित है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज विकसित भारत के साथ विकसित मध्यप्रदेश का वर्ष 2026 का बजट 4 लाख 38 हजार करोड़ रुपए का रहा, लेकिन जनता पर कोई नया टेक्स नहीं लगाया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लाड़ली बहना योजना के संबंध में कहा कि हमारी सरकार ने लाड़ली बहनों के लिए 01 हजार रुपए प्रति माह राशि देने से शुरुआत की थी। आज हम 1500 रुपए प्रति माह लाड़ली बहनों को दे रहे हैं। प्रदेश में सवा करोड़ लाड़ली बहनों के लिए 60 हजार करोड़ रुपए की राशि जारी की है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का ‘’सच्चा वादा पक्का काम’’ है। उज्जैन जिले के नागदा में मुख्यमंत्री डॉ यादव उज्जैन -जावरा फोर लेन ग्रीनफील्ड हाईवे भूमि पूजन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर कार्यक्रम के विशिष्ठ अतिथि राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि आज नागदा को बहुत-सी सौगातें मिली हैं। यह सभी सौगातें केंद्र सरकार, राज्य सरकार और प्रशासन के माध्यम से मिली हैं। राज्यपाल श्री गहलोत ने कहा कि नागदा क्षेत्र में सड़क की मांग लंबे समय से की जा रही थी। अब सौगात मिली है तो यह 04 लेन सड़क मार्ग सिंहस्थ महापर्व के पहले तैयार हो जाएगा। जिसका लाभ नागदावासियों के साथ सिंहस्थ में आने वाले श्रद्धालुओं को भी मिलेगा। राज्यपाल श्री गहलोत ने कहा कि नागदा में केंद्रीय विद्यालय का शुभारंभ भी आज हुआ है। अगले माह 03 अगस्त से इस विद्यालय में कक्षाएं भी प्रारंभ हो जाएंगी। केंद्रीय विद्यालय का नवीन भवन बनने तक विद्यालय किराए के भवन में संचालित होगा, जिसका किराया औद्योगिक इकाइयों द्वारा वहन किया जाएगा।
राज्यपाल श्री गहलोत ने कहा कि जनसेवा प्रहरी योजना अत्यंत लाभदायक सिद्ध होगी। इस योजना के माध्यम से सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को गोल्डन ऑवर में मदद मिल सकेगी। राज्यपाल श्री गहलोत ने कहा कि नागदा को आज जो सौगातें मिली हैं, इसके लिए मध्यप्रदेश शासन के साथ ही स्थानीय प्रशासन का भी सहयोग रहा है।
उज्जैन-जावरा 4 लेन ग्रीनफील्ड हाईवे मार्ग निर्माण भूमि पूजन कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी संत उमेश नाथ महाराज, महापौर मुकेश टटवाल, विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान, सतीश मालवीय, जितेन्द्र पंड्या, अनिल जैन कालूहेडा, डॉ. चिंतामणि मालवीय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष ओम जैन, उज्जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष रवि सोलंकी, संजय अग्रवाल, राजेश धाकड़, प्रदीप उपाध्याय, एमपीआरडीसी के प्रबंध संचालक भरत यादव, संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, डीआईजी नवनीत भसीन, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्यपाल श्री गहलोत ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन कर भूमि पूजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ और अंत में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् और राष्ट्रीय गान जन-गण-मन का गान किया गया।
कार्यक्रम में नागदा-खाचरौद के विधायक डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान और सांसद अनिल फिरोजिया ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्यपाल श्री गहलोत ने सिंगल क्लिक के माध्यम से उज्जैन-जावरा 4 लेन ग्रीनफील्ड हाईवे मार्ग निर्माण भूमिपूजन पट्टिका का अनावरण किया। इसके साथ ही केंद्रीय विद्यालय नागदा का शुभारंभ और जिला प्रशासन के माध्यम से प्रारंभ किए गए जनसेवा प्रहरी का शुभारंभ अतिथियों ने रिमोट का बटन दबाकर किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सड़क सुरक्षा के लिए जनसेवा प्रहरियों को हेलमेट का वितरण किया। इस अवसर पर अतिथियों ने समृद्ध किसानों पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया। साथ ही फूड प्रोसेसिंग यूनिट रामसेतु ग्राम चितरोला, तहसील खाचरौद के अंतर्गत शासन द्वारा 15 करोड़ 90 लाख रुपए बैंक लोन आजीविका स्वसहायता समूह को प्रदान किया गया। इसके अलावा अतिथियों ने संबल योजना के अनुग्रह दुर्घटना राशि के चेक पात्र हितग्राहियों को सौंपे। कार्यक्रम में उज्जैन-जावरा 4 लेन ग्रीनफील्ड हाईवे निर्माण पर आधारित और जनसेवा प्रहरियों पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
*नागदा को मिली आईटीआई कॉलेज और बांध की सौगात*
नागदा में उज्जैन-जावरा 4 लेन ग्रीनफील्ड हाईवे निर्माण कार्य का भूमिपूजन करने पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागदा को नवीन आईटीआई कॉलेज और ग्राम अटलावदा में चंबल नदी पर बांध निर्माण की घोषणा की। वहीं नागदा मंडी में मटर मंडी के लिए मंडी बोर्ड के माध्यम से शासकीय भूमि आवंटित कराने की घोषणा की। इसके अलावा प्राइवेट फूड प्रोसेसिंग यूनिट देने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जावरा-उज्जैन मार्ग चौड़ीकरण और रतलाम-खाचरौद 04 लेन को नागदा से जोड़ने के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया।
*दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधी कनेक्टिविटी होगी*
मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPRDC) द्वारा 98.730 कि.मी. लंबाई के उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण कराया जा रहा है। यह मार्ग उज्जैन के ग्राम मंगरोला से प्रारंभ होकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे (एन.एच. 8 लेन इंटरचेंज) से जोड़ते हुए जावरा में होटल जोयो के समीप समाप्त होगा।
यह 4 लेन ग्रीनफील्ड हाईवे होगा, जिसमें पेव्ड शोल्डर्स होंगे। परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) पर क्रियान्वित किया जाएगा। इसकी प्रशासकीय स्वीकृति की राशि ₹5017 करोड़ है। यह परियोजना उज्जैन एवं रतलाम जिलों को लाभान्वित करेगी तथा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जो कि आगामी सिंहस्थ 2028 में विभिन्न शहरों से आने वाले श्रद्धालुओं की कनेक्टिविटी के लिए भी महत्वपूर्ण है।
इस परियोजना से उज्जैन को दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर तथा एक्सप्रेस-वे से सीधा जोड़कर क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी। यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी तथा यातायात सुगम होगा। सिंहस्थ 2028 के दौरान तीर्थयात्रियों एवं वाहनों के सुगम आवागमन में मदद मिलेगी। इस आधुनिक हाईवे पर होने से सुरक्षा मानक उच्च होंगे तथा स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। इसके अलावा इसके निर्माण से क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक एवं कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।












