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न्यायालय द्वारा नगर निगम के अधिकारी से मारपीट करने वाले होटल संचालक विकाश की जमानत निरस्त

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उज्जैन/ न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रªेट प्रथम श्रेणी राघवेन्द्र पटेल के न्यायालय जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा आरोपी बिजेन्द्र उर्फ विकास पिता मनोहरलाल अरोण्या निवासी जिला उज्जैन (म.प्र.) को धारा 132,121(1),115(2) एवं 324 (3) बीएनएस के अन्तर्गत आरोपी की जमानत याचिका निरस्त कर सेंट्रªल जेल भैरवगढ़ भेजा गया।
आरोपी के द्वारा शासकीय अधिकारी के साथ मारपीट कर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की गई थी, उपरोक्त प्रकरण में शासन एवं थाना महाकाल की ओर से जमानत निरस्ती की तथ्यात्मक आपत्ति प्रभारी उप-निदेशक (अभियोजन) राजेन्द्र कुमार खाण्डेगर के निर्देशन मेें एडीपीओ शैलेन्द्र जीनवाल के द्वारा माननीय न्यायालय में ली गई जिस आधार पर आरोपी की जमानत निरस्त कर आरोपी को सेंट्रªल जेल भैरवगढ़ भेजा गया।
सहा. जिला अभियोजन अधिकारी हार्दिक देवकर ने बताया कि  08.जुलाई 2026 को सुबह 11ः50 बजे उज्जैन नगर निगम के प्रभारी फायर सेफ्टी अधिकारी लक्ष्मण प्रसाद साहु नियमित फायर सेफ्टी आडिट करने हेतु जयंसिहपुरा क्षेत्र में स्थित होटल पितांबरा रेसिडेंसी पर पहुंचे जहां पर होटल संचालक के पुत्र ब्रजेन्द्र उर्फ विकास अरोण्या से होटल के फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, फायर आडिट रिपोर्ट एवं बिल्डिंग परमिशन मांगी गई, तो इसी बात पर विकास अरोण्या ने फायर सेफ्टी अधिकारी से हाथापाई कर उनके दस्तावेज काउंटर से बाहर फेंक दिये और उनका वायरलेस सेट एवं चश्मा तोड़कर उनके साथ थप्पड़ों से मारपीट की जिससे उनके चेहरे पर चोंट आई, घटना स्थल पर नगर निगम के सहायक आयुक्त राघवेन्द्र पालिया, उपायुक्त संजय गुप्ता एवं सहा. फायर सेफ्टी अधिकारी सौम्या चर्तुवेदी पुलिस बल के साथ पहुुंचे। उक्त घटना का सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के द्वारा जप्त किया गया।