नाशिक (महाराष्ट्र): अखिल भारतीय श्री स्वामी समर्थ सेवामार्ग के प्रमुख परमपूज्य गुरुमाऊली श्री अण्णासाहेब मोरे जी की पावन उपस्थिति में श्रीक्षेत्र उज्जैन में श्री महाकालेश्वर के चरणों में दिनांक 5 जनवरी 2026 को राष्ट्र एवं समस्त समाज के कल्याण हेतु ऐतिहासिक भस्म लिंगार्चन समारोह का आयोजन किया गया है। इस अति-उच्च आध्यात्मिक सेवा के कारण सेवाकार्यों में अपूर्व उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
गुरुपीठ के उप-प्रबंधक गुरुपुत्र श्री नितीनभाऊ मोरे जी के मार्गदर्शन में इस पूरे समारोह की सुव्यवस्थित योजना बनाई गई है। इस भव्य और दिव्य अति-उच्च सेवा की तैयारियो में समर्थ सेवेकरी मनोभावसे जुडे हुए हैं। देशभर से आने वाले लाखों सेवेकरी एक साथ बैठकर सामूहिक रूप से भस्म लिंगार्चन समारोह में संमिलीत हो सके ऐसा नियोजन किया गया है।
उज्जैन नगरी सप्त मोक्षपुरियों में से एक है। यह एक शक्तिपीठ भी है। कालों के काल महाकाल यहाँ ज्योतिर्लिंग स्वरूप में भक्तों का कल्याण एवं संरक्षण करते हैं। साथ ही महाकुंभ पर्व के कारण इस क्षेत्र को विशेष महत्त्व प्राप्त है। इसलिए जो न पहले कभी हुआ और न भविष्य में होगा, ऐसे इस ऐतिहासिक भस्म लिंगार्चन समारोह का महत्त्व हैं।
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5 जनवरी को भस्म लिंगार्चन समारोह
श्रीक्षेत्र उज्जैन के बड़नगर रोड, पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी में श्री महाकाल के चरणों में सामूहिक सेवा अर्पित की जाएगी।
5 जनवरी को प्रातः 8 बजे भूपाली आरती, उसके पश्चात प्रधान संकल्प होगा। प्रातः 8 से 10:20 बजे तक ऐतिहासिक भस्म लिंगार्चन समारोह संपन्न होगा।
प्रातः 10:30 बजे नैवेद्य आरती के बाद परमपूज्य गुरुमाऊली श्री अण्णासाहेब मोरे का प्रासादिक हितगुज (उपदेश) होगा। इसके पश्चात सेवेकऱियों को प्रसाद वितरण कर कार्यक्रम का समापन होगा।
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4 जनवरी को मंगल पूजन विधि
जिनकी कुंडली में मंगल दोष है, उनके लिए श्रीक्षेत्र उज्जैन में मंगल पूजन विधि करने का उपाय बताया गया है। अतः भस्म लिंगार्चन समारोह के उपलक्ष्य में 4 जनवरी को सायं 4 बजे कार्यक्रम स्थल पर मंगल ग्रह अनुष्ठान पूजन संपन्न हुआ। इस विशेष अनुष्ठान का लाभ भक्तगण सेवेकऱियों ने लिया












